जोड़ों क े दद क े लए मूंग - दाल , चावल और सफ े द तल की खचड़ी 1. सामग्र ी (Ingredients) 1. मूंग दाल — 1 मुट् ठी धुली पीली मूंग दाल लेना सु वधाजनक है। 2. चावल — 1 मुट् ठी सामान् य चावल इस् तेमाल कर सकते हैं। 3. सफ े द तल — 1 छोटा चम् मच तल को हल् का क ू टकर डाल सकते हैं। 4. घी — 1 छोटा चम् मच स् वाद और ऊजा क े लए। साथ में आवश् यकतानुसार पानी और थोड़ा नमक लें। 2. बनाने की व ध (Method) 1. मूंग दाल और चावल को 2–3 बार साफ पानी से धो लें। 2. बेहतर पकने क े लए इन् हें 15–20 मनट पानी में भगो दें। 3. क ु कर में मूंग दाल , चावल , सफ े द तल और लगभग 3–4 कप पानी डालें। 4. धीमी से मध् यम आँच पर 3–4 सीटी तक या सभी सामग्र ी अच् छी तरह नरम होने तक पकाएँ। पानी की मात्र ा आवश् यकतानुसार बदलें। 5. पकने क े बाद खचड़ी को अच् छी तरह मलाएँ। जरू रत हो तो थोड़ा गम पानी डालकर नरम बना लें। 6. अंत में 1 छोटा चम् मच घी मलाएँ और गमा गम परोसें। 3. कब और क ै से खानी चा हए ? ● समय : दोपहर क े भोजन में लेना एक व् यावहा रक वकल् प है। ● मात्र ा : शुरु आत में एक छोटी कटोरी लें। भूख , पाचन और क ु ल आहार की जरू रत क े अनुसार मात्र ा तय करें। ● क ै से खाएँ : ताजी बनी , अच् छी तरह पकी और आराम से खाने योग् य गम खचड़ी लें। ● कतनी बार : इसे रोज लेना जरू री नहीं है। डॉक् टर की सलाह और मरीज क े बाकी आहार क े अनुसार शा मल करें। ● खाने क े बाद : सामान् य दनचया जारी रखें। य द आराम से चल सकते हैं , तो हल् की ग त व ध करें ; दद बढ़ाने वाला व् यायाम न करें। 4. मरीज क े लए जरू री सावधा नयाँ ● य द तल से एलज है , तो तल न डालें। ● डाय बटीज , कडनी की बीमारी या डॉक् टर द् वारा बताई गई वशेष डाइट होने पर सामग्र ी और मात्र ा की पुि ट करें। ● य द मूंग दाल से गैस या पेट फ ू लता है , तो मात्र ा कम करने या वकल् प चुनने क े लए डॉक् टर से पूछें। ● जोड़ों में सूजन , लगातार दद या सुबह लंबे समय तक अकड़न हो , तो उसका कारण जानने क े लए उ चत च कत् सकीय जाँच जरू री है।