यह विचारोत्तेजक कविता Gobinda Thapa द्वारा रचित है, जिसमें धर्म, संविधान, संस्कृति और आत्मसम्मान के मध्य संबंधों पर काव्यात्मक एवं भावनात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है। कविता में ऐतिहासिक घटनाओं, बलिदानों तथा धार्मिक आस्था के माध्यम से यह प्रतिपादित किया गया है कि मानव जीवन में धर्म, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक परंपराओं का विशेष महत्व है। यह रचना पाठकों को धर्म, राष्ट्र, संस्कृति और मानवीय मूल्यों के प्रति चिंतन एवं आत्ममंथन के लिए प्रेरित करती है।